हिन्दी व्याकरण शब्द-रचना के तत्त्व
नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार “हिन्दी व्याकरण : शब्द-रचना के तत्त्व खण्ड के अन्तर्गत पाँच प्रकरण-उपसर्ग, प्रत्यय, समास, तत्सम शब्द तथा पर्यायवाची–निर्धारित हैं। इस खण्ड से कुल 11 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।
ध्यातव्य-इस खण्ड के अन्तर्गत दी गयी सामग्री को विद्यार्थी ध्यानपूर्वक पढ़े। सम्बद्ध सामग्री पर्याप्त विस्तार से दी गयी है। हिन्दी के भाषिक स्वरूप को समझने की दृष्टि से यह अत्यधिक | महत्त्वपूर्ण है।
उपसर्ग
पाठ्यक्रम में निर्धारित उपसर्ग (उपसर्गों के प्रयोग एवं उनसे निर्मित शब्द): अ, अन्, अधि, अप, अनु, आ, उप, सह, निर्, अभि, परि, सु।
नवीनतम पाठ्यक्रम के अनुसार प्रस्तुत प्रकरण से कुल 3 अंकों के प्रश्न पूछे जाएँगे।
ध्यातव्य प्रस्तुत प्रकरण से सम्बन्धित पर्याप्त सामग्री दी गयी है। कुछ उपसर्ग पाठ्यक्रम से (अतिरिक्त भी दिये गये हैं, जो विद्यार्थियों के ज्ञान-बोध में सहायक होंगे।
वे वर्ण या वर्ण-समूह जो किसी शब्द के पहले जुड़कर उस शब्द के अर्थ में विशेषता उत्पन्न कर देते हैं या उसके अर्थ को बदल देते हैं उपसर्ग’ कहलाते हैं। उपसर्गों का प्रयोग स्वतन्त्र रूप से नहीं होता, वे किसी शब्द के पूर्व ही प्रयोग किये जाते हैं; जैसे-सम्भव, संहार, संचय। इनमें ‘सम्’ उपसर्ग है; यह भव, हार, चय शब्दों से पहले जुड़ा हुआ है।
हिन्दी.में तीन प्रकार के उपसर्ग प्रयुक्त होते हैं—
- संस्कृत के,
- हिन्दी के,
- उर्दू-फारसी के।
संस्कृत के उपसर्ग



हिन्दी के उपसर्ग

उर्दू के उपसर्ग

उपसर्ग से सम्बन्धित अतिरिक्त सामग्री
प्रश्न 1
निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग और मूल शब्दों को अलग करके लिखिए-
उत्तर
प्रश्न 2
निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग पृथक् कीजिए तथा उस उपसर्ग से बनने वाले दो अन्य शब्द भी
लिखिए–
उत्तर
प्रश्न 3
निम्नलिखित उपसर्गों से एक-एक शब्द बनाइए-
अप, अनु, निर्, वि, अधि, अभि, उप, परि, सह।
उत्तर
- अप से अपमानित,
- अनु से अनुवादक,
- निर् से निर्विशेष,
- वि से विशेषाधिकार,
- अधि से अधिनायक,
- अभि से अभियुक्त,
- उप से उपस्थिति,
- परि से परिकल्पना,
- मुह से सहधर्मिणी।।
प्रश्न 4
निम्नलिखित उपसर्गों से एक-एक शब्द बनाइए-
अप, परि, सु, ला, अन्, अनु, उप, अभि, दुर्, प्र, निर्, वि, अति।
उत्तर
- अप से अपव्यय,
- परि से परिवेष्ठित,
- सु से सुमित्र,
- ला से लापरवाही,
- अन् । से अनुत्तरित,
- अनु से अनुमोदन,
- उप से उपाधीक्षक,
- अभि से अभिव्यक्ति,
- दुर् से दुर्निवार,
- प्र से प्रस्फुटित,
- निर् से निर्विकल्प,
- वि से विशिष्ट,
- अति से अतिचार।